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माइंड पावर वर्कशॉप – अवचेतन मन की शक्ति असीमित है

by mindguru

माइंड पावर वर्कशॉप – हमारे अवचेतन मन की शक्ति असीमित है, चेतन और अवचेतन मन में क्या क्या शक्तियां होती हैं, इस विडियो में विस्तार से समझाया हुआ है,

आधुनिक शोधो से मानव मन के 2 प्रकार ज्ञात हुए हैं – चेतन व अवचेतन ।
चेतन या जागृत मन । जिसका हम केवल 1 से 15% उपयोग करते हैं । इन्द्रिय नियंत्रण । शरीर की हलचल । विचार एवं तर्क शक्ति । बुद्धिमत्ता । सही अवसर की पहचान । एवं उसका सही फायदा उठाना । अच्छे बुरे की पहचान । इच्छा की उत्पत्ति । आदि सब जागृत मन की शक्तियां हैं ।
ये सब मानवीय शक्तियां हैं । जो केवल 15% हैं ।
बाकी की 85% शक्ति अवचेतन मन के पास है । जिसे हम दैवीय शक्ति । ईश्वरीय शक्ति । या अलौकिक शक्ति भी कहते हैं । इन्द्रियों पर चेतन वा अवचेतन दोनों मन का नियंत्रण होता है । टेलीपैथी । याद शक्ति । भावनायें । ज्ञान । प्रज्ञा । सही अवसर खड़े करने की क्षमता । ऐसी कई शक्तियां अवचेतन मन के पास हैं । इस मन के पास 1 नैसर्गिक घडी व कलेंडर भी है । इसके अलावा शरीर के स्व संचालित तंत्र पर काबू । घाव भरना । इच्छा मृत्यु । मनोबल आदि एवं आध्यात्मिक शक्तियां अवचेतन मन के पास होती हैं ।
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जागृत अवस्था में मस्तिष्क में 14-35 तरंगे प्रति सेकंड होती हैं । जिसे बीटा वेव या मन की बीटा अवस्था कहते हैं । और अर्ध जागृत अवस्था में 7-14 तरंगे प्रति सेकण्ड होती हैं । जिन्हें अल्फ़ा वेव या मन की अल्फ़ा अवस्था कहते हैं ।
अल्फ़ा अवस्था में कल्पना शक्ति के माध्यम से जो भी सृजन या आदेश.. चेतन । जागृत । मन से अवचेतन मन को देते हैं । वह बिना तर्क के स्वीकार कर लेता हैं । और हमारे जीवन में ठीक वैसा ही अवसर खड़ा करता है । रोज सोने से पहले अर्ध निद्रा की अवस्था में । अल्फ़ा अवस्था में । हम प्राकृतिक रूप से होते हैं । इसके अलावा RELAXATION वा MEDITATION से इच्छा अनुसार अल्फ़ा अवस्था में जाया जा सकता हैं । हमे रोजअपने सकारात्मक विचारों वाले आत्म सुझाव ( जैसा हम बनना चाहते हों । जो करना चाहते हों ) सोने से पहले दुहराना चाहियें । आत्म सुझावों में – न । नही । या वास्तविकता से परे । कुछ भी नहीं होना चाहिये । उदाहरण के लिये – मैं बहुत फुर्तीला हूँ । मैं सफल रहूँगा । तो आपका मन सफलता की उम्मीद के लिए तैयार करता है । यदि आप सोचें कि – मैं असफल रहूँगा । तो आपका मस्तिष्क आपके शरीर को कहता है कि – कोशिश भी मत करो । क्योंकि सफलता की कोई आशा नही है ।
सोचने का मतलब । मस्तिष्क में रासायनिक क्रियायें करना हैं । जिससे शरीर सीधा जुड़ा होता हैं । इसलिये हर वक्त सकारात्मक व उच्च विचार रखें । सही विचार अपने दिमाग को लगातार देते रहना चाहिये । नहीं तो गलत विचार अपने आप खाली दिमाग को भर लेंगे । एक विद्यार्थी कामयाब लोगों की जीवनियो को पढ़ता है । जिन्होंने कठिनाईयों के वावजूद सफलता को हासिल किया है । और अपनी कमियों को खूबियों में बदला हैं ।
मेरी दुनिया में सब  कुछ और बेहतर होता ही जा रहा है ।
हर पल । हर क्षण । और हर सांस के साथ सकारात्मकता मुझमे जा रही है ।
मेरे आस्तित्व के केन्द्र में प्रेम का एक विशाल कूप है । जिससे असीम प्यार छलकता ही रहता है ।
हर पल । हर क्षण । मैं मुस्कुराता रहता हूँ । चाहे जैसी परिस्थितियां हों । क्योंकि मुझे पता है । परिस्थितियां अस्थाई हैं । ये आपके धैर्य की परीक्षा ले सकती है । किन्तु आपका मूलस्वभाव । मौलिकता । खुश रहने को । नही छीन सकती । और अपने एहसासों के अनुसार ही मैं परिस्थितियाँ आकर्षित करता हूँ । जीवन बहुत सरल है ।
 

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4 comments

Sanjiv Malik March 1, 2015 - 6:33 pm

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Regards
Sanjiv Malik

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Lok Bahadur Khand May 23, 2015 - 6:36 pm

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