Home Motivation & Success बहानासाईटस का इलाज़

बहानासाईटस का इलाज़

by mindguru

बहानासाईटस? ये कोई नयी बिमारी है क्या ?
बीमारी तो पुरानी है, नाम नया है.

बहानासाईटस से ग्रस्त बहानेबाज लोगों की कहीं कोई कमी नहीं, एक ढूंढो सौ मिल जाते हैं। जिनके पास हर तरह के बहाने थोक के भाव मिलते हैं। ऑफिस से छुट्टी लेनी तो बहाना काम पूरा न होने के पीछे बहाना, गर्लफे्रंड से मिलने दूर से पहुंचे तो बहाना, पत्नी के लिए अलग बहाने, यहां तक कि कार्यालय में सोने का बहाना तक इन के पास मिल जाएगा। घर या बाहर आप चाहे जितने बहाने बनाएं। लेकिन ऑफिस में बहानेबाजी आप पर भारी पड सकती है, क्योंकि इस का सीधी प्रभाव आप के कैरियर पर पडेगा।
मनोरोग चिकित्सकों का मानना है कि बहाने बनाना एक ऎसी बीमारी है जिस के लिए न तो ट्रीटमेंट की जरूरत है और न ही किसी डाक्टर की, लोग स्वयं ही इस से उबर सकते हैं, बशर्ते कि वे अपनी सोच को बदलें और इस विश्वास को मजबूत करें कि उन्हें सफलता अवश्य मिलेगी। यहीं भरोसा उन्हें सफलता दिलाता है। सकारात्मक सोच से मिलने वाली ऊर्जा इस में मुख्य भूमिका निभाती है।परिणामस्वरूप आत्मविश्वास भी बढता है और आगे की सफलताओं के रास्ते तैयार हो जाते हैं।  आइये सोच को बदलने के लिए हर बहाने का विकल्प खोजते हैं –
बहाना 1. मुझे उचित शिक्षा लेने का अवसर नही मिला|
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उचित शिक्षा का अवसर फोर्ड मोटर्स के मालिक हेनरी फोर्ड को भी नही मिला।
2.मै अत्यंत गरीब घर से हूँ|
पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम भी गरीब घर से थे।
3.बचपन मे ही मेरे पिता का देहाँत हो गया था|
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प्रख्यात संगीतकार ए.आर.रहमान के पिता का भी देहांत बचपन मे हो गया था।
4.मै बचपन से ही अस्वस्थ था|
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आँस्कर विजेता अभिनेत्री मरली मेटलिन भी बचपन से बहरी व अस्वस्थ थी।
5.मैने साइकिल पर घूमकर आधी ज़िंदगी गुजारी है|
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निरमा के करसन भाई पटेल ने भी साइकिल पर निरमा बेचकर आधी ज़िंदगी गुजारी।
6.एक दुर्घटना मे अपाहिज होने के बाद मेरी हिम्मत चली गयी|

प्रख्यात नृत्यांगना सुधा चन्द्रन के पैर नकली है।
7.मुझे बचपन से मंद बुद्धि कहा जाता है|
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थामस अल्वा एडीसन को भी बचपन से मंदबुद्धि कहा जाता था।

8.मै इतनी बार हार चूका,अब हिम्मत नही|
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अब्राहम लिंकन 15 बार चुनाव हारने के बाद राष्ट्रपति बने थे।
9.मुझे बचपन से परिवार की जिम्मेदारी उठानी पङी|
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लता मंगेशकर को भी बचपन से परिवार की जिम्मेदारी उठानी पङी थी।
10.मेरी लंबाई बहुत कम है|
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सचिन तेंदुलकर की भी लंबाई कम है।
11.मै एक छोटी सी नौकरी करता हूँ,इससे क्या होगा|
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धीरु भाई अंबानी भी छोटी नौकरी करते थे।
12.मेरी कम्पनी एक बार दिवालिया हो चुकी है,अब मुझ पर कौन भरोसा करेगा|
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दुनिया की सबसे बङी शीतल पेय निर्माता कम्पनी भी दो बार दिवालिया हो चुकी है।
13.मेरा दो बार नर्वस ब्रेकडाउन हो चुका है,अब क्या कर पाउँगा?
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डिज्नीलैंड बनाने के पहले वाल्ट डिज्नी का तीन बार नर्वस ब्रेकडाउन हुआ था।
14.मेरी उम्र बहुत ज्यादा है|
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विश्व प्रसिद्ध केंटुकी फ्राइड चिकेन के मालिक ने 60 साल की उम्र मे पहला रेस्तरा खोला था।
15.मेरे पास बहुमूल्य आइडिया है पर लोग अस्वीकार कर देते है|
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जेराँक्स फोटो कापी मशीन के आईडिया को भी ढेरो कंपनियो ने अस्वीकार किया था पर आज परिणाम सामने है।
16.मेरे पास धन नही है|
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इन्फोसिस के पूर्व चेयरमैन नारायणमूर्ति के पास भी धन नही था|उन्हे अपनी पत्नी के गहने बेचने पड़े थे।

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आप कहेगे कि यह जरुरी नही कि जो प्रतिभा इन महानायको मे थी,वह मुझ में भी हो|
मै इस बात से सहमत हूँ|
लेकिन,यह भी जरुरी नही कि जो प्रतिभा आपके अंदर है वह इन महानायको में भी हो!
कोशिश तो कीजिये|
हो सकता है की आप उनसे भी आगे निकल जाये|
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मतलब यह है कि…..
यदि आप आगे बढ़ना चाहते है तो आपको दो में एक को चुनना होगा…..
बहाना या सफलता का रास्ता!
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आप साहसी है|
अपनी मेहनत,हिम्मत और ईमानदारी के दम पर अपनी किस्मत को बदलने का प्रयास कीजिये|सफलता का रास्ता खोजना पड़ता है|वह अपने आप नहीं मिल जाता है|उसे खोजिए और उसपर चलना शुरू कर दीजिये|एक न एक दिन मंजिल जरूर मिलेगी|

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1 comment

Nandkishor Kulkarni October 21, 2017 - 5:03 pm

मुझे जिंदगी जीने के रास्ते मीले ,
अब मै अपने आप को एक मजबूत इंसान मानता हूं , मेरे सामने कोई भी समस्या बहोत बडी नहीं मै धन्यवाद देना चाहुंगा संजीव जी को आप मेरे बहोत बडे मार्गदर्शक बने .

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