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DMIT Basics (DMIT टेस्ट क्यों जरुरी है?)

प्रत्येक माँ बाप का यह स्वपन होता हैं कि उनका बच्चा बुद्धिमान हो, उच्च अभ्यास करने वाला हो और समाज में उच्च स्तर प्राप्त करने वाला बने. यह बच्चा क्या अभ्यास करेगा, उसका भविष्य कैसा होगा आदि जानकारी के प्रति ज्यादा उत्सुकता रहती है. और अगर यह जानकारी बच्चे कि बाल्यावस्था में या अभ्यास के महत्वपूर्ण पड़ाव के पहले मिल जाये तो माँ बाप इस बहुमूल्य जानकारी का सही उपयोग करके अपने बच्चे को सही मार्गदर्शन, प्रोत्साहन एवं योग्य क्षेत्र में शिक्षा दिलाने का अच्छा प्रबंध करके उनके श्रेष्ठ भविष्य निर्माण में सहयोग कर सकते हैं.

पिछले कई सालों से इस प्रकार का मार्गदर्शन ज्योतिषशास्त्र की विभिन्न विधियों से किया जाता है लेकिन इस विधि में एक सामान रूपता नहीं पायी जाती है इसलिए इस विधि में पूर्णतया विश्वास करना थोडा कठिन होता है. परन्तु अब इस महान वैज्ञानिक विधि से फिंगर प्रिंट के माध्यम से बहुत ही आसानी से, पूर्णतया यकीनी मार्गदर्शन मिल सकता है. इसे ही Dermatoglyphics Multiple Intelligences Test (DMIT) कहा जाता है.

MindGuruIndia.com एक एसी संस्था है जो इस परिक्षण से किसी भी व्यक्ति (बच्चा या बड़ा) की सही जानकारी एवं उपयुक्त परामर्श देती है. इस वैज्ञानिक परिक्षण से किसी भी व्यक्ति की विभिन्न प्रकार की बुद्धि की जानकारी प्राप्त करके, उसमें क्या अच्छाईयाँ व् कमियां हैं, उसका स्वभाव, व्यवहार, पठन की रूचि, याद करने की क्षमता आदि कई पह्लुयों को जाना जा सकता है. इस जानकारी का उपयोग करके अपने बच्चे के लक्ष्य प्राप्ति में उपयुक्त कार्यवाही कर सकते हैं.

बच्चा आपका उसका कैरियर बनाने का तरीका हमारा
बच्चे के कैरियर का सच्चा निर्माता MindGuruIndia.com DMIT क्या है?

बच्चा जब माँ के गर्भ में होता है तब १३-२१ सप्ताह में उसका दिमाग बन जाता है तथा ठीक उसी समय उसके फिंगर प्रिंट्स भी बन जाते हैं.
बहुत सारी वैज्ञानिक खोजों के द्वारा यह साबित हो चूका हैं कि फिंगर प्रिंट्स एव दिमाग में बहुत बड़ा सम्बन्ध है.
इनकी सहायता से किसी भी व्यक्ति क़ी पैदायशी प्रतिभायों को जाना जा सकता है

दिमाग नहीं तो फिंगर प्रिंट्स भी नहीं.

लाखों में एक एसा बच्चा पैदा होता है जिसके दिमाग ही नहीं होता है तो उस बच्चे के किसी भी प्रकार के फिंगर प्रिंट्स भी नहीं पाए गए थे.
DMIT क्यों.?
• क्या आप जानते हैं की भारत में प्रतिवर्ष १२००० से अधिक स्टूडेंट्स परीक्षा सम्बंधित तनाव के कारण आत्महत्या करते हैं ?
• क्या आप जानते हैं की एक दो साल का बच्चा भी तनाव का शिकार हो सकता है?
• बचपन अब बच्चों का खेल नहीं है
और आप सोचते हैं की यह आपके बच्चे के साथ नहीं हो सकता ?
ठीक ?
क्योंकि आप अपने बच्चे को बहुत अच्छी तरह से जानते हैं, और अपने बच्चों की सभी जरूरतों के बारे में पूर्णतया समझते हैं.
तो क्या आप कुछ सवालों के जवाब देने के लिए तैयार हैं ?
अपने बच्चे के बारे में………
एक पेन और कागज लीजिये और
अपने जवाब लिखिए………
1. आपका बच्चा अच्छी तरह से कैसे सीखता है? “करकर” “देखकर” या “सुनकर“?
2. आपका बच्चा किस चीज में कुशल है? काम की योजना में या काम करने में.?
3. क्या आपका बच्चा “तार्किक” है या “रचनात्मक”?
4. क्या आपके बच्चे में कोई छुपी हुई विशेष प्रतिभा है, जो आप नहीं पहचानते ?
5. क्या आपका बच्चा उससे अधिक बुद्धिमान है जितना आप उसे समझते हैं?
6. क्या आप अपने बच्चे की ९ प्रकार की बुधिम्तायों में से सबसे ज्यादा प्रभावशाली बुधिमता के बारे में जानते हैं?
7. क्या आप वास्तव में “रूचि” और “प्रतिभा” में अंतर समझते हैं?
क्या आपको उपरोक्त प्रश्नों के उत्तर नहीं मिल रहे हैं ? और क्या आप वास्तव में अपने बच्चे को जानना चाहते हैं.
यह सभी उत्तर तथा और भी बहुत कुछ आप अपने बच्चे के बारे में DMIT के द्वारा जान सकते हैं.
DMIT की मदद से आप अपने बच्चे की जन्मजात प्रतिभाएं, कैरियर चयन और मस्तिष्क के विकास के कई पहलूओं के बारे में जान सकते हैं.

क्या आपने कभी स्वयं से यह प्रश्न पूछा है – “क्यों?“
एक जैसी उम्र
एक ही क्लास
वही टीचर
वही किताबें
वही पढाने का तरीका
और परिणाम अलग-अलग
फिर क्यों……
कुछ बहुत अच्छे
कुछ मध्यम
और कुछ बहुत खराब
विद्यार्थी
हमारे पास आपके इन सब “क्यों” का जवाब है.

किसी को प्रतिभावान बनाया नहीं जा सकता, लेकिन प्रतिभाओं को किसी भी इंसान के अंदर से खोज कर निकाला जा सकता है
हर कोई प्रतिभाशाली है, जब वह सही स्थिति (दिशा) में हैं
सभी बच्चे पैदायशी प्रतिभाशाली होते हैं.
प्रतिभा की परिभाषा प्रत्येक व्यक्ति के लिए अलग-अलग प्रकार से होती है. और फिर दुविधा का सामना होता है ………
एक छोटी लड़की ने अपने माता-पिता से पूछा…..
वो एसा क्या करे कि वोह बुद्धिमान कहलाये.
डॉक्टर, वकील, इंजिनियर, शिक्षक, पत्रकार, डिफेन्स इत्यादि, इत्यादि.

हमें अपनी जन्मजात प्रतिभायों के द्वारा अपने भविष्य को सुधारने का प्रयास करना चाहिए.
ज़रा सोचिये!!!
लता मंगेशकर को गाने के स्थान पर डांस सीखने को कहा जाता तो !!!
थॉमस एडिसन, प्रख्यात वैज्ञानिक को क्रिकेट खेलने के लिए कहा जाता तो !!!
सचिन तेंदुलकर को पढाई पूरी करने के बाद जॉब करने के लिए कहा जाता तो !!!
तो क्या वोह आज उस स्थान पर होते जहाँ वोह आज हैं???

आपके बच्चे की प्रदर्शन क्षमता को बढाने का एकमात्र उपाय हैं उसके हुनर, कौशल को पहचानें और उसे बढाएं.
अपने बच्चे की छिपी हुई प्रतिभायों को पहचानने का मतलब है – आधी सफलता

आज के इस गलाकाट प्रतियोगिता में, यदि आपके बच्चे को परफॉर्म करना है तो उसे अपनी क्षमता का अधिकतम प्रयोग करना होगा.

तो फिर आपको क्या करना है?
अभी निर्णय लीजिये. अपने बच्चे कि जन्मजात प्रतिभायों को एक नयी आधुनिक वैज्ञानिक तकनीक द्वारा पहचानें.

फिंगर प्रिंट विश्लेषण के माध्यम से संभावित प्रतिभा मूल्यांकन
अमेरिका और जर्मनी द्वारा विकसित एक 3 डी नैनो प्रौद्योगिकी प्रणाली जिसका प्रयोग बहुत से देशों में किया जा रहा है जैसे –
ताइवान, चीन, मलेशिया, सिंगापुर, हांगकांग, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, अमेरिका, इत्यादि.

डीएमआई टेस्ट की आवश्यकता – बच्चों के लिए
• अप्रासंगिक पाठ्यक्रम और कक्षाओं के ऊपर व्यर्थ समय, पैसा, प्रयास को कम करें
• माता – पिता और बच्चों के बीच संबंधों में सुधार और बच्चों के आत्मविश्वास का विकास
• उसे / उसे के लिए सबसे अच्छा सीखने की शैली को पहचानें
• उसकी / उसके जन्मजात प्रतिभा और कमजोरियों को पहचानें
• आपके बच्चे की सीखने का कार्यक्रम बनायें.

डीएमआई टेस्ट की आवश्यकता – बड़ों के लिए
जीने के लिए अपने जुनून फिर से जलाना और सपनों को पुनर्जीवित करना.
उपयुक्त आत्म विकास कार्यक्रमों में बुद्धिमानी से निवेश
अपनी EQ, IQ, AQ, CQ & सक वर्ग का आकलन
अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने और अपने सपनों को जीने के लिए आगे की योजना
अपनी खुद की क्षमताओं को पहचानें और सही कैरियर चुनें.
अपनी मूल दक्षताओं को पहचानें और unka विकास करें.
सबसे उपयुक्त सीखने और नेतृत्व शैली को पहचानें.
अपने प्रियजन के साथ अपने संबंधों में सुधार करें.

डीएमआई टेस्ट की आवश्यकता – कम्पनीज के लिए
• अपने सभी कर्मचारियों कि क्षमता का अधिकतम प्रयोग करें.
• बेहतर प्रदर्शन के लिए अपने कर्मचारियों की संख्या को पुनर्संगठित करें
• मानव संसाधन प्रशिक्षण और विकास
• अपने ‘प्रबंधकों के प्रदर्शन और मूल दक्षताओं का मूल्यांकन
• सही काम के लिए सही व्यक्ति का पता लगाएं.
• पूर्व रोजगार स्क्रीनिंग.
• अधिक क्षमता वाले कर्मचारियों पर विश्वास करें
• कर्मचारियों का चयन क्षमता और अधिकतम दक्षता के आधार पर करें.

माता पिता अपने बच्चो के भविष्य के बारे में चिंतित हैं
बच्चे हमेशा अपने स्वयं के भविष्य
और अपने माता पिता क़ी अपेक्षायों के बारे में चिंतित हैं!!!

हम MindguruIndia.com में, एक सरल 15 मिनट के परीक्षण द्वारा जिसे Dermatoglyphics Multiple Intelligence Test (DMIT) कहते हैं,
आपके बच्चे के कई पहलुओं को पहचानने में आपकी सहायता कर सकते हैं.

२ साल और उससे अधिक उम्र के लिए

DMIT का इतिहास
सर्वप्रथम १६ वी शताब्दी में चीन में DMIT के बारे में जानकारी मिलती हैं और उसके बाद पर बहुत सारी खोजें, बहुत से देशों जैसे अमेरिका, रूस, इटली, चीन एवं मलेशिया द्वारा क़ी गयीं हैं. सन १९८३ में हॉवर्ड गार्डनर ने DMIT को एक नया आयाम दिया.
उनके अनुसार प्रत्येक व्यक्ति में ९ प्रकार की पैदायशी प्रतिभाएं अलग अलग मात्रा में पाई जाती हैं. प्रत्येक व्यक्ति की बोधिक प्रतिभाएं अलग अलग प्रकार की होती हैं तथा हम उनको बड़ा भी सकते हैं.
यह पैदायशी प्रतिभाएं दिमाग के विभिन्न हिस्सों में पाई जाती हैं और यह एकसाथ या अलग अलग काम कर सकती हैं.
सैंकड़ों स्कूल इस पद्धति को अपनाकर पदाने के तरीके में बदलाव कर चुके हैं. लेकिन अभी भी हजारों स्कूल उसी पुरानी पद्धति को अपना रहे हैं.
गार्डनर के अनुसार शिक्षकों को, विद्ध्यार्थियों की मानसिक क्षमतायों के अनुसार, पढाना चाहिए जिससे की वोह अपनी जिंदगी में अच्छा कर सकें.

2 comments

  1. yes right mindguruindia.com
    i want DMIT test plzz call mi this numbar 08425880126

  2. Informative and very useful to human life

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