Home Spirituality अपनी चेतना शक्ति को जगाओ

अपनी चेतना शक्ति को जगाओ

by Neetu Sharma

क्या आपको नही लगता कि आज कल लोगो की चेतना शक्ति नष्ट हो रही है। ऐसा लगता है जैसे मानव खुद पर नियंत्रण भूल रहा है। बस आकर्षण के पीछे दौड़ रहा है। जहां किसी चीज़ का प्रचार देखा अपनी सुध बुध खोकर हो लिया पीछे। और कुछ नही तो हमारे भोजन को ही लेलो। एक जमाना था हम देशी खाना खाकर हस्ट पुष्ट रहते थे । उसपे देशी लस्सी मिल जाए तो क्या बात।अब विदेशी प्रचार ने पिज्जा, मोमो जैसी घातक चीजों को इतनी प्रसिद्धि दे दीं कि चेतना रहित लोग मरे जा रहे है उनके पीछे। लस्सी की जगह कोल्ड ड्रिंक्स ने ले ली।

लोग समझ ही नही पा रहे हैं कि प्रसिद्धि मिलने से कुछ नही होता, कुदरत ने हमें भी सोचने समझने की क्षमता दी है। उसे जागृत करो। ये जो तुम भोजन के रूप मे खा रहे हो, घातक साबित होगा तुम्हारे लिए।

फ़िल्म इंडस्ट्री को ही लेलो। मूवी को बेचने के चक्कर मे अश्लील दृश्य इतनी चालाकी से दिखाएं जातें हैं कि लोग अपने घर मे होकर भी उन्ही का रोल प्ले करना चाहते है। क्या कभी सोचा है रियल लाइफ मे ये रोल कितने घातक साबित हों सकते हैं। जैसे फिल्मों मे हैप्पी एंडिंग होती है कोई जरुरी है कि तुम्हारी जिंदगी मे भी हो। कहीं ऐसा ना हो कि तुम बर्बाद हो जाओ। सही चरित्र को उतारने की कोशिश करो। तुम्हारा दिमाग़ तुम्हारे हिसाब से नही बल्कि तुम्हारे आस पास के विज्ञापनों से चलरहा है। तुम्हारी अपनी कोइ सोच ही नही रही, यहां तक की तुम क्या पहनोगे ये भी तुम समाज देख के तय करते हो।

तुम्हारी सोच कैद होकर रह गई है। आज कल युवाओं में एक चीज़ और बहुत ज्यादा नजर आ रही है , जवान हुवे नही सुनने मे आता है कि मै रिलेशनशिप मे हुं। बहुत कम ऐसे बच्चे मिलेंगे जो रिलेशनशीप मे ना हो।कैसी रिलेशनशिप! जो बच्चे मां बाप के पीछे इतने गुल खिला सकते है क्या गारंटी है कि तुमसे वफा करेगें । ये अपने मां बाप के ही नही हुवे। जिसके पीछे तुम इतना मूल्यवान समय बर्बाद कर रहे हो क्या ये निश्चित है कि आने वाले कल मे ये तुम्हारा साथ देगा।

आज के युग मे चारो ओर आकर्षण है। किसी का भी भरोसा नही किया जा सकता।जीवन का इतना महत्वपूर्ण पल तुम बाबू सोना करने मे तबाह कर रहे हो ,वो भी उसकेे पीछे जो न जानें तुम्हारा होगा भी या नहीं। इतना समय खुद पे लगाया होता तो निखर न जाते तुम। किसी के साथ बलात्कार होता नही की लोग कैंडल लेकर निकल पड़ते हैं नारा लगाने। अब ऐसा करने से क्या किसी की जान वापस आ जाएगी।ये जो कैंडल ले ले कर धरना दे रहे हैं इनमे से कई लोग ऐसे मिलजाएंगे जो इंटरनेट मे अश्लील चीजों को देखने का शौक रखते है। ये हमारे संस्कार नही है।

हमारे घर की बहन बेटियों का जन्म हॉट कहलवाने नही हुआ है। उन सभी चीज़ों का विरोध करो जिनमे औरतों को केवल और केवल आकर्षण का पात्र माना गया है। अच्छे समाज निर्माण के लिए जरुरी हैं कि हम जड़ पे ही काम शुरू करदे ताकि विकृतियां उत्पन्न ही ना हो। शुरुवात एक से ही होती है। तुम बदलोगे तो पुरा देश बदलेगा।

Related Articles

Leave a Comment