
Chanakya-Niti
Chanakya Niti: These Two Fears Will Never Let You Succeed in Life
आचार्य चाणक्य केवल राजनीति और अर्थशास्त्र के ही नहीं, बल्कि जीवन-प्रबंधन और सफलता के भी महान गुरु थे। उनकी नीतियाँ आज भी हर इंसान के लिए मार्गदर्शक हैं। चाणक्य ने कहा है – “जो व्यक्ति इन दो बातों से डरता है, वह जीवन में कभी सफल नहीं हो सकता।”
आइए जानते हैं वो दो बातें कौन-सी हैं, जिनसे डरना हमें रोकता है और जिनसे उबरना हमें सफलता की ऊँचाइयों तक ले जा सकता है।
1. असफलता का डर (Fear of Failure)
- बहुत से लोग किसी भी काम को शुरू करने से पहले ही सोचते हैं – “अगर मैं हार गया तो क्या होगा?”
- यही डर उन्हें पहला कदम उठाने से रोक देता है।
- चाणक्य कहते हैं, असफलता कोई अंत नहीं, बल्कि सीखने और आगे बढ़ने का अवसर है।
- जो लोग असफलता से डरते हैं, वो कभी जोखिम नहीं ले पाते और बिना जोखिम लिए कोई बड़ा लक्ष्य हासिल नहीं होता।
जीवन मंत्र: असफलता को दुश्मन नहीं, बल्कि शिक्षक मानें। हर असफलता आपको अगले प्रयास के लिए और मजबूत बनाती है।
2. आलोचना का डर (Fear of Criticism)
- समाज में हर इंसान के अपने विचार होते हैं। जब भी आप कुछ नया करेंगे, लोग आपकी आलोचना जरूर करेंगे।
- जो लोग इस आलोचना से डरते हैं, वो अपनी असली क्षमता कभी नहीं दिखा पाते।
- चाणक्य कहते हैं कि आलोचना से घबराने वाले लोग हमेशा दूसरों को खुश करने में ही लगे रहते हैं, और अपनी मंज़िल से दूर रह जाते हैं।
जीवन मंत्र: आलोचना को सुधार का अवसर मानें, न कि रुकावट। जो लोग आपकी आलोचना करते हैं, वे अनजाने में आपकी प्रगति का मार्ग दिखा रहे होते हैं।
निष्कर्ष
चाणक्य नीति हमें सिखाती है कि जीवन में सफलता पाने के लिए दो डर छोड़ने ही होंगे – असफलता का डर और आलोचना का डर।
जो लोग इनसे ऊपर उठ जाते हैं, वही महान उपलब्धियाँ हासिल करते हैं।
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