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Leadership is a Art

by mindguru

प्रभावशाली नेतृत्व की कला

लीडरशिप  एक ऐसा शब्द है जो जेहन में आते ही राजनीतिज्ञ अथवा राजनीती का बोध कराता है परन्तु वास्तव में ऐसा नहीं है | इसका दायरा असीमित है |
लीडरशिप  यानी नेतृत्व करना  |  नेतृत्व आप दे सकते है अपने समाज में , व्यपार में और जीवन के हर उस छेत्र में जहाँ आप और आप के साथ कम से कम कोई एक और व्यक्ति जुड़ा हो |  लीडरशिप मिलती है सिर्फ और सिर्फ जिम्मेदारी उठाने से | जब आप औरो से सिर्फ एक कदम आगे बढ़ कर किसी जिम्मेदारी को उठाते है तो आप उस कार्यस्थल अथवा कार्यक्रम के लीडर हो जाते है |

जब कोई टीम जीतती है तो श्रेय पूरी टीम को मिलता है, पर उसमें विशेष योगदान उस टीम के लीडर का होता है। वह भिन्न-भिन्न सोच, क्षमता और प्रकृति के लोगों में एक ऐसे भाव का सूत्रपात करता है कि सबका एक ही लक्ष्य बन जाता है—जीत और सफलता।
कंपनी के उत्कर्ष के सफर में जहाँ लीडरशिप की मुख्य भूमिका होती है, वहीं अक्षम और अकुशल नेतृत्व किसी भी कंपनी को धराशायी करने के लिए काफी है। यह कुशल नेतृत्व का ही परिणाम है कि रिलायंस, इंफोसिस और टाटा जैसी कंपनियों ने वैश्विक स्तर पर सफलता का परचम लहराया और प्रसिद्धि पाई। दूरदर्शी सोच, रचनात्मक क्षमता और प्रबंधन कौशल—ये सभी कुशल नेतृत्व के विभिन्न पहलू हैं।
ये तो हो गयी लीडरशिप की बात | परन्तु एक प्रश्न सदा ही हम सब के लिए एक अबूझ पहेली सा होता है कि कैसे लोकप्रिय एवं प्रभावशाली लीडर बना जाये ? इसके लिए सबसे सरल उपाय है क़ि अपने व्यक्तित्व व् स्वभाव को इतना सरल और सहज रखें क़ि कोई भी व्यक्ति आपसे बेझिजक संपर्क कर सके | क्योकि कई बार देखा जाता है क़ि व्यक्ति का विराट व्यक्तित्व ही उसकी नेतृत्व छमता को प्रभवित करता है |आप पहले लोकप्रिय बनने क़ि दिशा में कदम उठाये , लोकप्रिय आप तभी हो सक़ेगे जब आप लोगो में सच्ची दिलचस्पी लेंगे उनकी बातो पर ध्यान  देगे , उनके कार्यो की सच्ची प्रशंशा करेगे | यहाँ यह ध्यान देने क़ि बात है क़ि आपको सच्ची प्रसंशा करनी है , चापूलसी  नहीं | सच्ची दिलचस्पी लेनी है दिखावा नहीं करना है | जब आप ईमानदारी के साथ लोगो में दिलचस्पी लेते है तो आप उन सभी के सच्चे सलाहकार या यूँ कहे क़ि आप उनके आदर्श बन जाते है |

टीम वर्क

जहाँ भी लीडरशिप जुडी होती है वहाँ निश्चय ही टीम वर्क होता है |

अच्छे लीडर का सबसे बड़ा गुण होता है , वह अपने टीम के सदस्यों के अन्दर उत्साह का संचार कर सके | टीम सदस्यों को सदैव उत्साहित रखने के लिए उनके छोटे से छोटे कार्य और विशेषताओ को ध्यान  दिया जाये और उनकी हर सफलता को सम्मान दिया जाये | याद रखे सम्मान और पुरस्कार हमेशा व्यक्ति को उत्साहित करता है और उन्हें और ज्यादा जिम्मेदारी उठाने को प्रेरित करता है | इस प्रकार कार्य करने से आप अपने टीम सदस्यों से आत्मिक रूप से काफी करीब हो जाते है और जब आत्मीयता बढ़ जाती है तो स्वतः आपके अधिकार भी बढ़ जाते है इसके साथ ही आपका नेत्रित्व भी प्रभावशाली हो जाता है | आपके अन्दर चमत्कारिक उर्जा का संचार होने लगता है | हर कोई आपके चमत्कारिक व्यक्तित्व से प्रभवित हो आपके निकट आ जाता है और आपके प्रभाव का दायरा निरंतर बढने लगता है | लेकिन यहाँ एक बात विशेष ध्यान देने योग्य है  जब आपकी लोकप्रियता बढ़ रही होती है उस समय आपकी जिम्मेदारी और ज्यादा बढ़ जाती है | क्योकि लोगो की आपसे अपेक्षा भी बढ़ रही होती है |

अगर इन चंद बिन्दुओ पर ध्यान देते हुए आप आगे बढ़ते है तो निश्चय ही एक सुनहरा प्रभावशाली भविष्य आपका इंतजार कर रहा है |

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2 comments

Deepak singh June 22, 2016 - 9:18 pm

Nice artical

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Er B.P.SINGH December 20, 2016 - 4:46 am

Excellent write up
Thanks
Er B.P.Singh

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