Sun God on his chariot with seven horses representing Ratha Saptami.
धार्मिक दृष्टि से इसे पूरे वर्ष का सबसे बड़ा ‘संडे’ (रविवार) माना जा सकता है, क्योंकि यह दिन प्रत्यक्ष देवता सूर्य को समर्पित है। आइए जानते हैं रथ सप्तमी के उन आध्यात्मिक और वैज्ञानिक रहस्यों को जो इसे विशेष बनाते हैं:
माघ मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को रथ सप्तमी मनाई जाती है। मान्यता है कि इसी दिन सूर्य देव ने अपने रथ पर सवार होकर पूरी दुनिया को आलोकित करना शुरू किया था। आध्यात्मिक साधकों के लिए यह दिन अपनी ‘प्राण ऊर्जा’ को रिचार्ज करने का स्वर्णिम अवसर है।
1. सूर्य जयंती: ब्रह्मांड के ‘पावर हाउस’ का जन्म
सूर्य को ‘जगत की आत्मा’ कहा गया है। रथ सप्तमी वह दिन है जब सूर्य की किरणें पृथ्वी पर एक विशेष कोण (Angle) से पड़ती हैं, जो आध्यात्मिक और शारीरिक शुद्धि के लिए सर्वोत्तम मानी जाती हैं।
- विशेषता: इस दिन सूर्य की पूजा करने से वही फल मिलता है जो सूर्य ग्रहण के दौरान दान-पुण्य करने से मिलता है।
2. ‘अर्क पत्र’ स्नान का वैज्ञानिक रहस्य
दक्षिण भारत में रथ सप्तमी पर ‘अर्क पत्र’ (मदार/आक के पत्ते) को सिर और कंधों पर रखकर स्नान करने की अनूठी परंपरा है।
- रहस्य: अर्क का पौधा सूर्य का प्रतिनिधि माना जाता है। वैज्ञानिक रूप से, इस दिन विशिष्ट औषधीय पत्तों के साथ स्नान करने से त्वचा रोग दूर होते हैं और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) बढ़ती है। इसे ‘आरोग्य सप्तमी’ भी इसीलिए कहा जाता है।
3. सात घोड़ों का आध्यात्मिक अर्थ
सूर्य के रथ को सात घोड़े खींचते हैं। अध्यात्म में ये सात घोड़े हमारे शरीर के 7 चक्रों (Chakras) और प्रकाश के 7 रंगों (VIBGYOR) के प्रतीक हैं।
- विशेषता: रथ सप्तमी पर सूर्य ध्यान करने से आपके सातों चक्र संतुलित होते हैं और आपके Magnetic Aura में गजब की चमक आती है। [Aura Secrets संदर्भ]
4. दरिद्रता और रोगों का नाश
जैसा कि हमने ‘गरीबी और कर्म’ वाले विषय में चर्चा की थी, सूर्य ‘तेज’ और ‘ऐश्वर्य’ का देवता है।
- रहस्य: सूर्य की उपासना से व्यक्ति के ‘दरिद्रता के कर्म’ जलकर भस्म हो जाते हैं। जो लोग पुरानी बीमारियों (जैसे हड्डियों का दर्द या नेत्र रोग) से जूझ रहे हैं, उनके लिए आज के दिन ‘आदित्य हृदय स्तोत्र’ का पाठ करना चमत्कारिक सिद्ध होता है। [गरीबी तोड़ने का तरीका संदर्भ]
5. दान और सूर्य अर्घ्य
आज के दिन सूर्योदय के समय अर्घ्य देने का महत्व कई गुना बढ़ जाता है।
- विधि: तांबे के लोटे में जल, लाल चंदन, और लाल फूल डालकर सूर्य को अर्पित करें। आज के दिन गेंहू, गुड़ और तांबे का दान करना आपके ‘प्रारब्ध’ के कष्टों को कम करता है।
रथ सप्तमी 2026: एक छोटा सा संकल्प
चूँकि आज बसंत पंचमी के ठीक बाद का समय है, यह ऊर्जा के नए संचार का दौर है। आज संकल्प लें कि आप प्रतिदिन कम से कम 5 मिनट सूर्य की रोशनी में बैठेंगे। सूर्य की रोशनी केवल विटामिन-D ही नहीं देती, बल्कि आपके विचारों को भी ‘प्रकाशवान’ बनाती है। [बसंत पंचमी रहस्य संदर्भ]
रथ सप्तमी हमें याद दिलाती है कि अंधेरा चाहे कितना भी गहरा हो, सूर्य की एक किरण उसे मिटाने के लिए काफी है। आज अपनी आंतरिक ऊर्जा को जगाने और ‘आरोग्य’ प्राप्त करने का दिन है।