
संतान सप्तमी 2025
Santan Saptami Remedies 2025: Fulfill All Wishes for Your Children
📖 संतान सप्तमी का महत्व (Significance of Santan Saptami 2025)
भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को संतान सप्तमी व्रत रखा जाता है।
यह व्रत विशेष रूप से माताओं द्वारा अपनी संतान की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए किया जाता है।
👉 शास्त्रों के अनुसार, जो माता श्रद्धा और भक्ति से यह व्रत करती है, उसकी संतान पर आने वाले संकट दूर हो जाते हैं और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।
🕘 संतान सप्तमी 2025 तिथि और समय
- 📅 तिथि: 30 अगस्त 2025, शनिवार
- ⏰ सप्तमी तिथि प्रारंभ: 30 अगस्त, सुबह 07:45 बजे
- ⏰ सप्तमी तिथि समाप्त: 31 अगस्त, सुबह 09:10 बजे
🙏 संतान सप्तमी व्रत विधि (Santan Saptami Vrat Vidhi 2025)
- प्रातः स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- मिट्टी से माता सप्तमातृका की प्रतिमा बनाकर पूजन करें।
- संतान को गोद में लेकर संकल्प लें और व्रत का आरंभ करें।
- गंगाजल, रोली, हल्दी, दूर्वा और पुष्प अर्पित करें।
- संतान सप्तमी व्रत कथा का श्रवण करें।
- दिनभर उपवास रखें और रात्रि को फलाहार करें।
- संतान की लंबी आयु के लिए विशेष प्रार्थना करें।
🌸 संतान सप्तमी 2025 के उपाय (Special Remedies for Santan Saptami)
1. संतान सुख के लिए मंत्र जप
📿 “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का 108 बार जप करें।
👉 इससे संतान पर आने वाले संकट दूर होते हैं।
2. माता सप्तमातृका को प्रसाद
🍚 चावल, हलवा और फल का भोग लगाएँ और बाद में संतान को खिलाएँ।
3. तुलसी पूजा
🌿 तुलसी के पौधे में जल चढ़ाकर दीपक जलाएँ। इससे संतान का स्वास्थ्य बेहतर होता है।
4. दान का महत्व
👕 वस्त्र, अनाज और फल किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद को दान करें।
5. संतान की रक्षा के लिए दीपदान
🪔 नदी किनारे दीप जलाकर संतान की रक्षा के लिए प्रार्थना करें।
संतान सप्तमी का व्रत हर माता के लिए अत्यंत पवित्र माना गया है।
यह व्रत करने से संतान को दीर्घायु, स्वास्थ्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।
👉 इसलिए 30 अगस्त 2025 को श्रद्धा और विश्वास से यह व्रत करें।