
Sundarkand Path Rules Before Starting | Ram Bhakti Guide
हनुमानजी की कृपा पाने और रामभक्ति के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए सुंदरकांड पाठ सबसे शक्तिशाली उपाय माना जाता है। यह न सिर्फ़ जीवन की कठिनाइयों को दूर करता है, बल्कि मन को शांति और आत्मविश्वास से भर देता है। परंतु सुंदरकांड का पाठ करने से पहले कुछ आवश्यक नियमों का पालन करना बहुत ज़रूरी है। आइए जानते हैं —
🌸 सुंदरकांड पाठ करने के ज़रूरी नियम
1. शुद्धता और स्नान
सुबह स्नान करने के बाद ही पाठ शुरू करें। मन, वचन और कर्म की शुद्धता अत्यंत आवश्यक है।
2. स्वच्छ स्थान का चयन
पाठ हमेशा पवित्र और शांत वातावरण में करें। यदि संभव हो तो मंदिर या पूजा स्थान पर बैठकर ही करें।
3. लाल आसन का प्रयोग
हनुमानजी को लाल रंग अत्यंत प्रिय है। पाठ करते समय लाल आसन पर बैठना शुभ माना जाता है।
4. दीपक और धूप जलाएँ
पाठ से पहले दीपक और धूप जलाकर हनुमानजी का आह्वान करें। इससे वातावरण में दिव्यता आती है।
5. मंगलवार या शनिवार को विशेष लाभ
हालाँकि सुंदरकांड का पाठ किसी भी दिन किया जा सकता है, लेकिन मंगलवार और शनिवार को इसका महत्व और बढ़ जाता है।
6. हनुमान चालीसा का पाठ साथ में करें
सुंदरकांड के साथ हनुमान चालीसा का पाठ करना शुभ फल देता है और हनुमानजी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
7. नियम और श्रद्धा का पालन
सबसे महत्वपूर्ण है— श्रद्धा और विश्वास। सुंदरकांड का पाठ किसी दिखावे के लिए नहीं बल्कि सच्चे मन से करें।
🌺 सुंदरकांड पाठ के लाभ
- घर में नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है।
- भय और कष्ट दूर होते हैं।
- जीवन में धन, सुख और समृद्धि आती है।
- हनुमानजी का आशीर्वाद सदैव बना रहता है।